श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना 2021

{हरियाणा} श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना 2021 Shramik Children Blind,Deaf Mute,HandiCapped Of Vittiya Sahayata Scheme

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना ऑनलाइन पंजीयन | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme 2021 | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme in hindi | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme online registration | श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना के बारे में | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme apply |

श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना ऑनलाइन पंजीयन | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme 2021 | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme in hindi | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme online registration | श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना के बारे में | shramik children blind,deaf mute,handicapped of vittiya sahayata scheme apply |

Table of Contents

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना–ओधोगिक और कर्मशियल संस्थाओं में काम करने वाले पंजीकृत कामगार मजदूरों के बच्चे यदि मंद्बुधि,अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग है तो उन बच्चों को हर साल 20 से लेकर 30 हजार रूपये की राशि दी जायेगी इस योजना का लाभ हरियाणा राज्य के अंतर्गत आने वाले श्रमिक के बच्चे ही ले सकते है उन्हें हर साल इस राशि को उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक को अपने बच्चे का आवेदन करवाना होगा जिसके बाद उसे लाभार्थी सूचि में शामिल किया जाएगा

और योजना के तहत बीस से तिस हजार रूपये की राशि दी जायेगी श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना का तभी लिया जा सकता है जब पंजीकृत श्रमिक के बच्चे 70% से लेकर 100% तक अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि के पाए जाते है उनके पास डोक्टर की और से जारी किया गया अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि का प्रमाण पत्र होना जरूरी है यदि बच्चे के पास खुद की आय का काई साधन है तो उसे इस स्कीम के तहत सहायता राशि नही दी जायेगी इस योजना के बारे में जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया,दस्तावेज,मुख्य उदेश्य,लाभ,मुख्य पात्रता आदि के बारे में जानने के लिए आर्टिकल को ध्यान से पूरा पढ़े

Shramik Children Blind,Deaf Mute,HandiCapped Of Vittiya Sahayata Scheme के बारे में (श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना):-

हरियाणा भवन और सनिर्माण मंडल की और से इस श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना को सुरु किया गया है इस योजन में श्रमिक के बच्चों को योजना का लाभ दिया जा रहा है इसमें उन्ही बच्चों के लिए आवेदन किया जा सकता है जो बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि के है जिन्हें डोक्टर की और से अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि होने का प्रमाण पत्र जारी करके दिया गया हो ऐसे बच्चों को हरियाणा सरकार की और से हर साल 20000 रूपये से लेकर 30000 रूपये तक की सहायता राशि दी जायेगी

लेकिन आपको इस बात का भी आवेदन करते समय ध्यान रखना है की जिन अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि बच्चों को 70% से 100% तक अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि घोषित किया गया है उन्हें ही उनके हिसाब से 20000 रूपये से लेकर 30000 रूपये तक की राशि दी जायेगी श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना से जुड़ने और मिलने वाली राशि के लिए पहले बच्चे का पंजीयन फॉर्म भरना होता है उसके बाद में सक्षम अधिकारी की और से पंजीयन फॉर्म की जांच की जाती है

जब जांच में सभी दस्तावेज और बच्चा योजना का सही पात्र पाया जाता है तो उसके बाद ही उसे प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता राशि दी जाती है अगर बच्चे का नाम हरियाणा खाद्य आपूर्ति विभाग की और से बनाये गये राशन कार्ड में नाम नही है या फिर श्रमिक के श्रमिक कार्ड यानी इन दोनों में से किसी भी दस्तावेज में नाम नही है तो उसे लाभ नही दिया जाएगा

योजनाश्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना
अपडेट2021
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://hrylabour.gov.in/welfare/users/schemeDetailFront/90
योजना टाइपमजदूर के अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग बच्चों के लिए
कितनी राशि दी जाती है20 हजार से लेकर 30 हजार रूपये तक
राज्य का नाम क्या हैहरियाणा राज्य

शादशुदा को लाभ नही दिया जाएगा:-

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना का लाभ उन्ही बच्चों को दिया जाएगा जिनकी शादी नही की गई है और बच्चों के पास आय का कोई स्त्रोत नही है तो यदि बच्चे की शामिक शादी कर चूका है तो उसे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि की स्तिथि में मिलने वाली राशि से वंचित कर दिया जाएगा

उदेश्य के बारे में जानकारी:-

ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके बच्चे 70% से लेकर 100% तक डोक्टर की और से अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि घोषित किये जा चुके है जो कमा नही पाते है और श्रमिक भी उनका खर्चा नही उठा पाता है ऐसे बच्चों को अपना जीवन यापन करने हेतु हर साल 20 से 30 हजार रूपये की सहायता राशि दी जाती है ताकि श्रमिक पाने इन अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि के बच्चों की सही देखभाल कर सके जैसा की आप सभी जानते है श्रमिक की रोज की कमाई से अपने घर का खर्चा भी मुस्किल से निकाल पाता है ऐसे में उसके घर में यदि कोई अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि से ग्रषित कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसके काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है

वह उनके पर लगने वाले खर्चे को लेकर काफी परेशान रहता है श्रमिक की इसी परेशानी को दूर करने के उदेश्य से और बच्चों को हर वर्ष वित्तीय सहायता राशि देने के उदेश्य से इस श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना को सुरु किया गया है इसमें हम आपको ये भी बतायेगे की 70% अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि वाले बच्चों की कितनी राशि दी जाती है और इससे अधिक अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि वाले बच्चों को कितनी सहायता राशि दी जाती है

HARYANA LABOUR CARD

मिलने वाली सहायता राशि:-

  1. यदि बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि 70% से लेकर 90% तक है तो उन्हें हर साल 20 हजार रूपये की राशि दी जायेगी
  2. और अगर बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि 90% से लेकर 100% तक है तो उन्हें प्रतिवर्ष 30 हजार रूपये दिए जायेगे

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्रता:-

  • जो श्रमिक ओधोगिक क्षेत्र या फिर कर्मशियल संस्थानों में मजदूरी करते है उनके बच्चों के लिए इस श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना को सुरु किया गया है
  • जिन बच्चों को 70 से 100% तक अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग घोषित किया गया है उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा
  • जिन बच्चों के नाम श्रमिक कार्ड या फिर राशन कार्ड में शामिल है उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा
  • यदि बच्चे को इसके तहत लाभ मिल रहा है तो उसे हर साल नवीनीकरण करवाना होगा की लाभ लेने वाला बच्चा जीवित है
  • बच्चे के पास आय का कोई साधन नही होना चाहिए
  • यदि बच्चा शादीशुदा नही है तो ही इस योजना का लाभ लिया जा सकता है
  • अगर केंद्र सरकार की किसी एसी ही योजना का लाभ नही लिया है तो ही इस योजना में शामिल किया जाएगा

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना के लाभ कोनसे है?

  • इसमें 20000 से 30000 रूपये की राशि अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग बच्चों को दी जाती है
  • इस योजना में ये जरूरी नही है की श्रमिक की वार्षिक आय कितनी है
  • इसमें ये भी तय किया किया गया है की श्रमिक के पास सदस्यता प्रमाण पत्र कितने वर्ष का होना जरूरी है सिर्फ श्रमिक के पास श्रमिक कार्ड होना जरूरी है
  • श्रमिक के बच्चों को अब अपना जीवन यापन करने में आसानी हो जायेगी और श्रमिक भी उनकी देखभाल सही ढंग से कर पायेगा

Haryana Labour Card Benefites – हरयाणा लेबर कार्ड के फायदे

हरयाणा सरकार द्वारा लेबर कार्ड से जुड़ी कई योजना शुरू की है इन योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को आवेदन करना होता है यहा आपको हरयाणा लेबर कार्ड से जुड़ी सम्पूर्ण योजना की लिस्ट मिलेगी जिसमे आप इन योजना के लिए आवेदन कैसे किया जाता है कैसे इनका आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होता है आदि जानकारी देख सकते है

अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग बच्चों के लाभ के लिए दस्तावेज:-

  • बच्चे के पिता का राशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बच्चे के आधार कार्ड
  • अधे,मूक बधिर,दिव्यांग,मंद्बुधि घोषित किया गया प्रमाण पत्र
  • श्रमिक के बच्चे का बैंक खाता नंबर
  • हर साल बच्चे का जीवित प्रमाण पत्र
  • श्रमिक पिता या माता के मोबाइल नंबर
  • बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना में आवेदन की प्रक्रिया क्या है?

श्रमिक के बच्चे अंधे मूक बधिर दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक पिता को अपने बच्चे के आवेदन के लिए श्रम विभाग के मेंन कार्यालय में जाकर के ऑफलाइन आवेदन करना होगा या फिर ई-मित्र की दूकान पर जाकर के भी इस श्रमिक के बच्चे अंधे,मूक बधिर,दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है बस आवेदन के समय बताये गये दस्तावेजो की जरूरत होती है

हेल्पलाइन नंबर के बारे में:-

  • 18001804818
  • 0172-2701373

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *