अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना 2021 बिहार Apply form

अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना 2021 बिहार Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana Application Form

अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना आवेदन प्रक्रिया | Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana Online Registration Form | अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना की जानकारी हिंदी में | Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana Application In HIndi | Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana Panjiyan Form | अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना से होने वाले फायदे क्या क्या है |

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Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana–अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना को बिहार सरकार की और से 1 अप्रेल 2008 को सुरु की गई थी इस योजना में बिहार राज्य के ऐसे मजदूर लोग जो अपने राज्य छोड़कर दुसरे राज्य में जाते है मजदूरी करने के लिए उन श्रमिकों को इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना में शामिल किया जाता है जो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों श्रेणी में आते है उन मजदूरों को इस योजना का लाभ ख़ास करके दिया जा रहा है जो बिहार राज्य को छोड़कर दुसरे राज्य में मेहनत मजदूरी करने के लिए जाते है और वहां पर किसी कारणवंस फंस जाते है और पैसे न होने के कारण या फिर किसी अन्य वजह से वापिस नही आ पाते है

जिसके कारण परिवार को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है ऐसे फंसे हुए मजदूरों को अब इस योजना के तहत वापिस अपने राज्य में लाने का जिम्मा सरकार की और से लिया जाता है मजदूरन को वापिस अपने घर लाने में जो भी खर्चा आता है उसका पूरा वहन बिहार सरकार की और से किया जाता है मगर इस खर्च का वहन उसी मजदूर पर किया जाएगा जिसके पास लेबर कार्ड है क्योंकि लेबर कार्ड न होने के न बहुत से मजदूर इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना से वंचित रह जाते है तो आइये जाने इस आर्टिकल के माध्यम से की क्या है ये योजना और क्या है इसके लाभ

अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना (Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana) क्या है?

बिहार राज्य के श्रमिक लोग जो निर्माण कार्य का काम करते है या फिर और भी कई प्रकार की मजदूरी करके अपने घर का खर्चा चलाते है ऐसे मजदूर लोग जब अपने राज्य को छोड़कर किसी अन्य राज्य या फिर विदेशों में काम करने के लिए चले जाते है और वहां अर किसी वजह से फस जाते है अपने राज्य में नही आ पाते है ऐसे श्रमिकों को वापिस अपने राज्य में अपने घर में लाने के लिए इस Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana को सुरु किया गया है इस योजना को बिहार श्रम संसाधन विभाग की और से सुरु किया गया है इस योजना को बिहार सरकार की तरफ से 1 अप्रेल 2008 को पुरे राज्य में लागू कर दिया गया था

SARKARI YOJANA

योजनाअन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना
राज्यबिहार
ऑफिसियल वेबसाइटBIHAR LABOUR CARD
योजना टाइपमजदूरों के लिए लागू की गई है

परन्तु अब फिर से इस योजना में यानी 2021 में इसमें नया विस्तार किया गया है इस योजना के जरिये मजदूर फिर से अपने घर मे आ सकेगे जब मजदूर किसी राज्य में काम करने जाते है या फिर विदेश में काम करने जाते है और वहां फंस जाते है तो लाने में जो भी खर्चा आता है वो मजदूर को नही देना होता है बल्कि बिहार सरकार की और से उनके लाने में जो खर्चा आता है वो सरकार की और से वहन किया जाता है योजना का लाभार्थी उसी श्रमिक को माना जाएगा जो श्रम संसाधन विभाग में पंजीकृत है जो लेबर कार्ड धारक है लेबर कार्ड को श्रमिक कार्ड या मजदूर कार्ड भी बोला जाता है

जिन मजदूर लोगों के पास लेबर कार्ड नही है और वो किसी अन्य राज्य या फिर विदेश में फंस गये है तो उन्हें लाने के लिए सरकार की और से धनराशी कम वहन की जायेगी और मजदूर को अपनी और से आने के लिए राशि का वहन करना होगा आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जानकारी देंगे की मजदूर लोग बिहार सरकार की इस योजना का लाभ किस प्रकार से ले सकते है

उदेश्य क्या है इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना का?

Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana के तहत जो मजदूर मजदूरी करने के लिए अपने राज्य से दुसरे राज्य में जाते है और वहां जाकर के फंस जाते है वापिस अपने राज्य में नही आ पाते है ऐसे मजदूर लोगों को अब बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की और से इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना के तहत वापिस लाने के लिए धनराशी का व्यय किया जाता है मजदूर जब किसी अन्य राज्य में काम पर जाते अहि या फिर काम करने के लिए विदेशो में चले जाते है और वहां जाकर किसी वजह से फंस जाते है और घर की आर्थिक हालत इतनी मजबूत नही होती है की धनराशी व्यय करके मजदूर को वापिस अपने घर में लाया जा सके

ऐसे में बिहार सरकार की इस योजना के तहत मजदूरो को वापिस अपने घर अपने राज्य में लाया जाता है और उसे लाने के लिए जितना भी खर्चा आता है उस में से मजदूर को अपनी तरफ से एक भी पैसा खर्च करने की जरूरत नही है इतना ही नही जब मजदूर को वापिस अपने घर लाया जाता है उसके बाद सरकार की और से उसे एक महीने तक का राशन सामग्री को खरीदने के लिए 1500 रूपये की धनराशी और दी जाती है या राशि मजदूर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी अजति है ताकि मजदूर काम न मिलने तक अपना पेट भर सके

कोरोना काल में की गई सहायता:-

वैसे तो आप भी जानते है आज के इस समय में पुरे देश में कोरोना माहामारी ने अपना आतंक मचा रखा है भारत देश ही नही पूरी दुनिया इस बिमारी से परेशान है ऐसे में बहुत से बिहार के मजदूर लोग थे जो अपने राज्य को छोडकर काम करने के लिए दुसरे राज्य में गये हुए थे उन मजदूरन किओ वापिस लाने के लिए सरकार की और से धनराशी का खर्चा किया गया था और मजदूरों को वापिस अपने राज्य में लाया गया इसके अलावा पंजीकृत शर्मिकों को बिहार सरकार की और से 1000 रूपये की आर्थिक सहायता राशि भी दी गई थी

अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना के लिए पात्रता:-

  • जो मजदूर बिहार राज्य के स्थाई निवासी है वो लोग इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते है
  • जो प्रवासी श्रमिक लोग है वही इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना के पात्र माने जायेगे
  • जिन पंजीकृत प्रवासी श्रमिकों की आयु 18 साल से लेकर 60 साल तक है वो इस योजना का लाभ ले पायेगे
  • अगर मजदूर अपने राज्य को छोडकर अन्य राज्य में गये हुआ है या फिर विदेश गया हुआ है तभी उसे वापिस लाने के लिए बिहार सरकार की और से खर्चा किया जाएगा

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अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना के लाभ:-

  • बिहार राज्य में जो पंजीकृत मजदूर काम करने के लिए अन्य राज्य में गये हुए थे उन्हें वापिस अपने राज्य में लाया जा रहा है
  • जब मजदूर को वापिस अपने राज्य में लाया जाता है तो उसे लाने पर जितने भी धन का व्यय होता है वो अकेले बिहार सरकार की और से लगाया जाता है
  • मजदूर को लाने के बाद उसे एक महीने तक राशन सामग्री को खरीदने के लिए 1500 रूपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है
  • इसके अलावा मजदूर को 500 रूपये मजदूर को अलग से दवा के लिए दिए जाते है और 500 रूपये की आर्थिक सहायता राशि मजदूर को रास्ते में आते समय व्यय के लिए दी जाती है
  • इसके साथ साथ लेबर कार्ड धारक मजदूरों को इस अन्तर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक योजना के जरिये दुर्घटना में मृत्यु को प्राप्त हो जाने पर उसके परिवार को 1 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाती है
  • और यदि मजदूर दुर्घटना में घायल हो जाता है या फिर विकलांग हो जाता है तो उसे 37000 रूपये की राशि दी जाती है

बिहार लेबर योजनाओ का लाभ bihar Labour Card Shceme benefites

बिहार लेबर कार्ड विभाग द्वारा जिन मजदूरो के पास श्रमिक कार्ड यानी लेबर कार्ड बना हुआ है उन्हें निम्न योजनाओ का लाभ दिया जाता है जिनकी सूचि आप यहा देख सकते है इन सभी योजना का लाभ ले सकते है |

Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana में आवेदन कैसे करे?

  • जब भी बिहार राज्य में कोई पंजीकृत श्रमिक काम करने के लिए विदेश आया देश के किसी अन्य राज्य में जाता है और वहां जाकर के वह फंस जाता है तो उसके परिवार को श्रम संसाधन विभाग बिहार के कार्यालय में जाना होगा और वहा जाकर के उसके आधार कार्ड की फोटो कोपी के साथ एक फॉर्म भरना होगा जिसके बाद मजदूर को लाने की पूरी जिमेदारी सरकार की होगी आप इस Antarrajyiy Prvasi Shramik Yojana के बारे में और भी जानकारी इसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जान सकते है
  • वेबसाइट के इस पेज में आपको प्रवासी मजदूर बिहार योजना के आवेदन या फिर इस योजना के लाभ तथा इसके लाभ के लिए जिन जिन पात्रताओं का ध्यान में रखना जरूरी है इन सबके बारे में जानकारी मिल जायेगी

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